Life Processes – Rapid Revision Notes
1. जैव प्रकरण (Life Processes) – मूल अवधारणा
परिभाषा: जीवित प्राणियों में निरंतर चलने वाली वे क्रियाएँ जो जीवन को बनाए रखती हैं, उन्हें Life Processes कहते हैं।
- पोषण (Nutrition)
- श्वसन (Respiration)
- परिवहन (Transportation)
- उत्सर्जन (Excretion)
जीवित प्राणियों की विशेषताएँ: वृद्धि, पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, गति, प्रजनन एवं पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया।
2. पोषण (Nutrition)
परिभाषा: भोजन को ग्रहण कर ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं।
पोषण के प्रकार
1. स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition):
- पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
2. परपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition):
- मनुष्य एवं जानवर दूसरों पर निर्भर होते हैं।
- प्रकार: शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी, परजीवी, सहजीवी
मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System)
मुँह → ग्रासनली → पेट → छोटी आंत → बड़ी आंत → मलाशय → गुदा
- मुँह: दाँत भोजन को तोड़ते हैं, लार एमाइलेज स्टार्च का पाचन करता है
- पेट: प्रोटीन का पाचन, HCl जीवाणुओं को मारता है
- छोटी आंत: पूर्ण पाचन एवं पोषक तत्वों का अवशोषण
- बड़ी आंत: जल का अवशोषण
मुँह (Mouth)
- रासायनिक पाचन: लार में उपस्थित एमाइलेज एंजाइम स्टार्च को चीनी में बदलता है
- पाचन की शुरुआत यहीं से होती है
ग्रासनली (Oesophagus)
- भोजन को मुँह से पेट तक पहुँचाती है
- पेरिस्टालसिस (मांसपेशीय संकुचन) से भोजन नीचे की ओर बढ़ता है
पेट (Stomach)
- HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल):
- कीटाणुओं को नष्ट करता है
- भोजन को नरम करता है
- पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करता है
- पेप्सिन: प्रोटीन को छोटे अणुओं में तोड़ता है
- बलगम (Mucus): पेट की दीवारों को HCl से बचाता है
- 2–3 घंटे में भोजन चाइम (Chyme) में बदल जाता है
छोटी आंत (Small Intestine)
- यहाँ अधिकतम पाचन एवं अवशोषण होता है
- पित्त रस (यकृत से): वसा का इमल्सीफिकेशन करता है
- अग्न्याशयी रस: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पाचन करता है
- पोषक तत्व आंत की दीवार से रक्त में अवशोषित होते हैं
- लगभग 5–7 मीटर लंबी होती है
बड़ी आंत (Large Intestine)
- अपचित भोजन के अवशेषों का संग्रह
- जल का अवशोषण
- मल का निर्माण
मलाशय और गुदा (Rectum & Anus)
- मल को अस्थायी रूप से संग्रहीत करता है
- गुदा द्वारा मल को शरीर से बाहर निकाला जाता है
3. श्वसन (Respiration)
परिभाषा: भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को श्वसन कहते हैं। यह कोशिका में ग्लूकोज का विघटन है।
श्वसन के प्रकार
1. उभयतापी श्वसन (Aerobic Respiration):
- ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है
- भोजन का पूर्ण विघटन होता है
- अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है (38 ATP)
- अंतिम उत्पाद: CO₂ + H₂O + ऊर्जा
- उदाहरण: आराम की स्थिति में, हल्का कार्य करते समय
2. अनुभवयतापी श्वसन (Anaerobic Respiration)
- ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में भोजन का आंशिक विघटन
- कम ऊर्जा प्राप्त होती है (2 ATP अणु)
- अंतिम उत्पाद: लैक्टिक अम्ल या इथेनॉल + CO₂
- मांसपेशियों में: लैक्टिक अम्ल बनता है, जिससे थकान महसूस होती है
- खमीर/बैक्टीरिया में: इथेनॉल और CO₂ बनता है
- उदाहरण: तेज व्यायाम, भारी शारीरिक श्रम, घना पेशीय कार्य
मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System)
नाक → ग्रसनी → कंठनली → श्वासनली (Trachea) → ब्रॉन्काई → फेफड़े → अल्वियोली
श्वसन क्रिया की प्रक्रिया
प्रवेश (Inhalation)
- पसलियाँ ऊपर और बाहर की ओर उठती हैं
- डायाफ्राम नीचे की ओर खिंचता है
- फेफड़े फैलते हैं
- वायु दबाव कम हो जाता है
- हवा फेफड़ों के अंदर प्रवेश करती है
निर्गमन (Exhalation)
- पसलियाँ नीचे और अंदर की ओर आती हैं
- डायाफ्राम ऊपर की ओर उठता है
- फेफड़े सिकुड़ते हैं
- वायु दबाव बढ़ता है
- हवा बाहर निकल जाती है
अल्वियोली (Alveoli) का कार्य
- फेफड़ों में लाखों छोटी वायु थैलियाँ होती हैं
- दीवार अत्यंत पतली होती है (एक कोशिका मोटी)
- रक्त केशिकाओं की समृद्ध आपूर्ति होती है
- O₂ अल्वियोली से रक्त में प्रवेश करता है
- CO₂ रक्त से अल्वियोली में आता है
- CO₂ को श्वसन द्वारा बाहर निकाला जाता है
4. परिवहन (Transportation)
मानव में परिवहन: रक्त और हृदय के द्वारा पूरे शरीर में गैसों, पोषक तत्वों एवं अपशिष्टों का परिवहन होता है।
रक्त के घटक (Components of Blood)
RBC (Red Blood Cells)
- इनमें हीमोग्लोबिन (Protein) पाया जाता है
- ऑक्सीजन को शरीर के सभी भागों तक ले जाती हैं
- O₂ से मिलकर रक्त को लाल रंग देती हैं
WBC (White Blood Cells)
- रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती हैं
- बैक्टीरिया एवं विषाणुओं से शरीर की रक्षा करती हैं
प्लेटलेट्स (Platelets)
- चोट लगने पर रक्त का थक्का बनाती हैं
- अधिक रक्तस्राव को रोकती हैं
प्लाज्मा (Plasma)
- रक्त का द्रव भाग
- जिसमें सभी रक्त कोशिकाएँ तैरती हैं
- पोषक तत्व, हार्मोन एवं अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है
हृदय की संरचना (Structure of Heart)
- हृदय में कुल 4 कोष्ठ होते हैं
- दायाँ आलिंद: शरीर से ऑक्सीजन रहित रक्त प्राप्त करता है
- बायाँ आलिंद: फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त रक्त प्राप्त करता है
- दायाँ निलय: ऑक्सीजन रहित रक्त को फेफड़ों में भेजता है
- बायाँ निलय: ऑक्सीजन युक्त रक्त को पूरे शरीर में भेजता है
द्विगुण परिसंचरण (Double Circulation)
1. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary Circulation)
दायाँ निलय → Pulmonary Artery → फेफड़े → Pulmonary Vein → बायाँ आलिंद
- फेफड़ों में CO₂ निकलती है
- रक्त में O₂ मिलती है
2. सिस्टेमिक परिसंचरण (Systemic Circulation)
बायाँ निलय → Aorta (महाधमनी) → पूरा शरीर → Superior/Inferior Vena Cava → दायाँ आलिंद
- शरीर को O₂ प्रदान की जाती है
- रक्त CO₂ ग्रहण करता है
धमनियाँ (Arteries) बनाम शिराएँ (Veins)
| विशेषता | धमनी (Artery) | शिरा (Vein) |
|---|---|---|
| दिशा | हृदय से दूर | हृदय की ओर |
| दीवार | मोटी और लचीली | पतली और कमजोर |
| रक्त दबाव | अधिक | कम |
| ऑक्सीजन | सामान्यतः O₂ युक्त | सामान्यतः O₂ रहित |
| वाल्व | नहीं | हाँ (रक्त को वापस जाने से रोकते हैं) |
| स्थान | गहराई में | सतह के पास |
अपवाद (Exceptions)
- Pulmonary Artery: ऑक्सीजन रहित रक्त ले जाती है
- Pulmonary Vein: ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती है
पौधों में परिवहन (Transportation in Plants)
जाइलम (Xylem)
- जड़ों से जल एवं खनिज लवण को पत्तियों तक पहुँचाता है
- मृत कोशिकाओं से बनी खोखली नलियाँ
- कपिलरी क्रिया और वाष्पोत्सर्जन खिंचाव से ऊपर उठता है
फ्लोएम (Phloem)
- पत्तियों में बने भोजन को पूरे पौधे में वितरित करता है
- जीवित कोशिकाओं से बना होता है
- जल में घुलनशील भोजन (शर्करा) का परिवहन करता है
5. उत्सर्जन (Excretion)
परिभाषा: शरीर की चयापचय (metabolic) क्रियाओं से बने अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।
मुख्य अपशिष्ट पदार्थ
- यूरिया (Urea): प्रोटीन के विघटन से
- क्रिएटिनिन: मांसपेशियों के टूटने से
- यूरिक अम्ल: न्यूक्लिक अम्ल के विघटन से
- अतिरिक्त लवण एवं जल
मानव उत्सर्जन तंत्र (Human Excretory System)
वृक्क (Kidney) → मूत्रवाहिनी (Ureter) → मूत्राशय (Bladder) → मूत्रमार्ग (Urethra)
वृक्क (Kidney) के कार्य
- सेम के बीज (Bean-shaped) के समान दो अंग
- रक्त को शोधित करता है
- मूत्र का निर्माण करता है
- जल एवं लवण संतुलन बनाए रखता है
नेफ्रॉन (Nephron) – वृक्क की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई
ग्लोमेरुलस (Glomerulus)
- रक्त केशिकाओं का गुच्छा
- बोमैन कैप्सूल से घिरा होता है
- यहाँ निस्पंदन (Filtration) होता है
बोमैन कैप्सूल (Bowman's Capsule)
- ग्लोमेरुलस को घेरे रहता है
- निस्पंदित द्रव (Filtrate) को एकत्र करता है
ट्यूबुल (Tubule)
- यहाँ पुनरावशोषण (Reabsorption) होता है
- उपयोगी पदार्थ जैसे ग्लूकोज, ऐमिनो एसिड, जल पुनः रक्त में चले जाते हैं
- अपशिष्ट पदार्थ ट्यूबुल में शेष रहते हैं
नेफ्रॉन के तीन मुख्य कार्य
- रक्त दबाव के कारण छोटे अणु छन जाते हैं
- रक्त कोशिकाएँ एवं प्रोटीन रक्त में ही रह जाते हैं
- उपयोगी पदार्थ वापस रक्त में चले जाते हैं
- जैसे – ग्लूकोज, ऐमिनो एसिड, जल, लवण
- अतिरिक्त आयन एवं विषैले पदार्थ ट्यूबुल में डाले जाते हैं
मूत्रवाहिनी (Ureter)
- मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक ले जाती है
मूत्राशय (Bladder)
- मूत्र को अस्थायी रूप से संग्रहित करता है
- क्षमता लगभग 500–1000 mL
मूत्रमार्ग (Urethra)
- मूत्र को शरीर से बाहर निकालता है
पौधों में अपशिष्ट निष्कासन (Excretion in Plants)
विधियाँ
- पुरानी पत्तियों का गिरना: अपशिष्ट पत्तियों में जमा होकर बाहर निकलता है
- रेजिन एवं गम का स्राव: तनों के माध्यम से
- वाष्पीकरण: CO₂ एवं O₂ गैसों का निष्कासन
- ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन: ऊर्जा उत्पादन के दौरान अपशिष्ट बनते हैं
6. परीक्षा के लिए सुपर क्विक रिवीजन (5 मिनट)
- जैव प्रक्रम – 4 (पोषण, श्वसन, परिवहन, उत्सर्जन)
- पाचन का क्रम – 7 भाग
- पेट के कार्य – HCl, पेप्सिन, बलगम
- श्वसन – Aerobic vs Anaerobic (1 उदाहरण)
- रक्त के घटक – 4 + 1-1 कार्य
- धमनी बनाम शिरा – 3 अंतर
- हृदय – 4 कोष्ठ (दायाँ = O₂ रहित, बायाँ = O₂ युक्त)
- उत्सर्जन क्रम – वृक्क → मूत्रवाहिनी → मूत्राशय → मूत्रमार्ग
- नेफ्रॉन – 3 भाग + 3 कार्य
7. महत्वपूर्ण डायग्राम प्रैक्टिस (5 मिनट)
- हृदय – 4 कोष्ठ + प्रमुख धमनियाँ/शिराएँ
- नेफ्रॉन – ग्लोमेरुलस, बोमैन कैप्सूल, ट्यूबुल
- मानव पाचन तंत्र – 7 भाग
- मानव श्वसन तंत्र – नाक से अल्वियोली तक
- रक्त परिसंचरण – हृदय ↔ फेफड़े ↔ शरीर